हनुमान जयंती का पावन दिवस
 


॥ रामदूत अतुलित बलधामा अंजनिपुत्र पवनसुत नामा ॥ आज हनुमान जयंती का पावन दिवस ह" alt="" aria-hidden="true" /> . हिंदू धर्मावलंबी विभिन्न देवी देवताओं की पूजा आराधना करते हैं और इनमें श्री हनुमान जी को सबसे प्रतापी माना जाता है . पौराणिक कथा कहानियों में हमारे जीवन की सच्चाइयों का समावेश है और प्रतीकात्मक रूप से इनमें समाज - संस्कृति - धर्म - नीति की बातों का ही समावेश है . श्री हनुमान जी की कथा का वर्णन वाल्मिकी के रामायण में है . वे सुग्रीव के सेनापति थे और रावण के द्वारा सीता के हरण के बाद राम जब जंगल में भटक रहे थे तो किष्किंधा में राम को उन्होंने देखा और सुग्रीव से उनकी मुलाकात करायी . हनुमान की वानर सेना की मदद से राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी इसलिए उनको महावीर जी भी कहा जाता है . बिहार में पटना का महावीर मंदिर सारे संसार में प्रसिद्ध है . रामायण की कथा के अनुसार हनुमान जी मंगलमूर्ति और करुणानिधान हैं . इनके छोटे - बड़े मंदिर सारे देश में हैं . वाराणसी का संकटमोचन मंदिर सबके लिए दर्शनीय है . दिल्ली में भी कनाट प्लेस के पास स्थित हनुमान मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पूजा अर्चना करते हैं