लॉकडाउन के कारण नक्सलियों ने नहीं मिल पा रहा राशन  
 


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बालाघाट। कोरोना वायरस से जहां दुनिया परेशान हैं वहीं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इसके कुछ पॉजिटिव संकेत भी मिल रहे हैं। क्योंकि बालाघाट जिले में ग्रामीणों की मदद लेकर जिले के जंगलों में रहने वाले नक्सलियों को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए हैं। कोरोना के डर से नक्सली जंगलों में बसे गांव में जाने से कतरा रहे हैं। वहीं इसके चलते नक्सली गांवों में अपना डेरा नहीं जमा पा रहे हैं। दूसरी तरफ उनकी जरुरत का सामान भी उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे उनको दो वक्त का राशन नसीब नहीं हो पा रहा है। जिले के दूरस्थ गांवों में नक्सली अपनी जरुरत का सामान जुटाने ग्रामीणों को धमका रहे हैं। खास बात यह है कि जब ग्रामीणों को ही दो वक्त का राशन जुटा पाना मुश्किल हो रहा है तो ऐसे में वे नक्सलियों की मांग की पूर्ति कैसे करेंगे। राशन की कमी से जूझ रहे नक्सलियों की बालाघाट के जंगलों में पकड़ ढीली पड़ती जा रही है। इन दिनों जिले के जंगलों बसे गांवों राशिमेटा, सोनगुड्डा,पितकोना, अडोरी, कोरका, बिठली, पाथरी से लगे इलाकों में नक्सली ग्रामीणों को धमका रहे हैं।