भोपाल के 63 कोरोना पॉजिटिव में 29 उसी स्वास्थ्य विभाग के अफसर और कर्मचारी हैं, जिनके कंधों पर कोरोना से जंग की जिम्मेदारी है। चिंता की बात ये है कि दाे दिन पहले पाॅजिटिव रिपाेर्ट मिलने के बावजूद महकमे के कोरोना अफसर घर में बने रहने की जिद पर अड़े रहे। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल, रुबी खान, उपसंचालक डॉ. वीणा सिन्हा और डॉ. उपेन्द्र दुबे की रिपोर्ट शनिवार को ही पॉजिटिव आ गई थी। फिर भी ये अस्पताल नहीं पहुंचे। जिला प्रशासन के अफसर दो दिनों से अस्पताल में शिफ्ट होने की मिन्नतें कर रहे, लेकिन ये तैयार नहीं हुए। पहले दिन इन्हाेंने घराें के बाहर काेराेना पाॅजिटिव पेशेंट का पाेस्टर भी नहीं लगने दिया। इन अफसरों के हठ से हारकर जिला प्रशासन ने मुख्य सचिव से गुहार लगाई। मिन्नतों और सख्ती के बाद सोमवार रात को प्रमुख सचिव गोविल और डॉ. सिन्हा बंसल अस्पताल में शिफ्ट हुईं। रुबी खान को चिरायु में शिफ्ट किया गया।
कोरोना पॉजिटिव अफसरों के रवैये से सरकार और प्रशासन खफा
इन अफसरों का तर्क था कि वे डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक खुद को घर में आइसोलेट किए हुए हैं। हालांकि जिला प्रशासन और पूरी सरकार इन अफसरों के ऐसे रवैये से खफा थे। अफसरों के आग्रह पर सोमवार को मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रशासन अकादमी में रह रहीं रुबी के रवैये पर अकादमी के निदेशक एपी श्रीवास्तव ने शासन को पत्र लिखकर कहा कि अकादमी कैंपस में 120 परिवार निवास करते हैं। कोरोना पॉजिटिव मरीज के यहां रहने से उन्हें भी खतरा होगा। फिर भी रुबी नहीं मानीं तो श्रीवास्तव ने उन्हें भी पत्र लिखा। एसडीएम राजेश गुप्ता टीम के साथ पहुंचे तो रुबी ने दरवाजा बंद कर लिया। प्रशासन ने सख्ती की और सस्पेंड करने की चेतावनी दी। इसके बाद रुबी मानीं। उन्हें चिरायु अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
पाॅजिटिव रिपाेर्ट मिलने के दाे दिन बाद अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अफसर